हम अपने हर एक दिन को उपयोगी इस प्रकार से बना सकते हैं
परिचय
हर व्यक्ति अपने जीवन में सफल होना चाहता है | हर व्यक्ति के लिए उसके सफलता के मानक अलग अलग हो सकते हैं पर ये तय बात है की किसी भी व्यक्ति को अपने जीवन का एक मिनट भी व्यर्थ बीत जाना पसंद नहीं है | ऐसे में व्यक्ति अपने तरफ से अपने एक एक मिनट का सही उपयोग करना चाहता हैं पर यह चाहत बहुत हद तक संभव नहीं हो पाता है | क्यों कि चाहना और होना दोनों में बुनियादी अंतर है और ये अंतर हम अपने आप को अनुशासित करके और इसकी बेहतर योजना बनाकर ठीक कर सकते हैं |
इस लेख मे उसी योजना की बात की गयी है जिससे हमारा एक-एक मिनट उपयोगी होकर पूरा दिन काफी उत्पादक बन सकता है | ये सभी प्रयास बहुत आसान और सुलभ भी है | तो आईये हम अपने एक एक दिन का सही उपयोग करना सीखे और जीवन में एक बड़ा बदलाव स्थापित करें |
पुरे दिन की योजना का
निर्माण
हम हर दिन चाहते हैं की आज के इस एक
दिन में हम आवश्यक सभी कार्य पूरा करेंगे | हम करने का प्रयास भी करते हैं पर दिन
पूरा होते होते हमें निराशा हाथ लगती है | कुछ कार्य पुरे हो जाते हैं एवं कुछ
कार्य अधूरे रह जाते हैं | इसमे से कुछ कार्य जो पुरे होते हैं वो आज के लिए के
लिए बहुत आवश्यक भी नहीं होते हैं एवं कुछ बहुत आवश्यक कार्य छुट जाते हैं | इसके
अतिरिक्त कुछ कार्य तो दिमाग में ही नहीं रहते, वो विस्तर पर जाने अर्थात सोने के
वक्त या अगले दिन हमें ध्यान में आते हैं | इन सभी बातों को ध्यान रखते हुए हम बस
एक तरीका से पुरे कार्यों को आसानी से तय भी कर सकते हैं एवं पूरा भी कर सकते हैं |
इसके लिए हमे हर दिन की योजना अर्थात To Do List बीते रात या एक दम सुबह सुबह तय कर लेना होगा | हम चाहे तो अपने लिस्ट के
कार्यों को अलग अलग श्रेणियों में भी बाँट सकते हैं जैसे बहुत आवश्यक एवं थोड़े आवश्यक
| ऐसा करने से हमें ध्यान रहेगा कि आज हमें किन किन कार्यों को पूरा करना है एवं
इसके से सबसे पहले किन कार्यों को पूरा करना है, और किनको हम थोड़े वक्त बाद भी कर
सकते हैं | इसलिए हमें अपने हर दिन की
योजना जरुर बना लेनी चाहिए |
नियत समय पर उठना एवं सोना
कहा जाता है कि प्रत्यके दिन सुबह हम
जितना जल्दी जगते हैं हम अपने जीवन में उतनी जल्दी ही आगे बढ़ते हैं | यानी हमारा
प्रयास होना चाहिए कि हम सुबह सुबह जल्दी जगे | कोशिश रहे की सूर्य निकलने से पहले
तो पक्का ही जग जाए | सुबह जल्दी जगने के साथ साथ हमें अपने लिए सुबह जगने एवं रात
में सोने का एक नियत समय भी तय कर लेना चाहिये | नियत समय पर जगने एवं सोने के
वैज्ञानिक फायदे हैं | इससे हमारा पूरा दिन उत्पादक,उर्जा और उत्साह से भरा रहता
है |
सिमित समय के लिए मोबाइल
एवं स्क्रीन से दुरी
आज के डिजिटल दौर में हम मोबाइल एवं
स्क्रीन से पूर्ण दुरी नहीं बना सकते, क्योंकि हमारा जीवन एवं हमारे कई महत्वपूर्ण
कार्य पूर्ण रूप से इसी पर आधारित है, सुबह से लेकर शाम तक हमे इसी पर निर्भर रहना
पड़ता है | ये समय की मांग भी है | पर ऐसे में हमें अपने दिमाग एवं स्वास्थ्य को
ध्यान रखना भी अति महत्वपूर्ण है | इस डिजिटल दौर में मोबाइल एवं स्क्रीन से पूरी
दुरी न करके केवल कुछ देर ही सही अगर दुरी बना ली जाए तो कैसा रहेगा ? मेरा कहना
है की अगर हम सुबह में 2 घंटा एवं रात में सोने
से पहले कम से कम दो घंटा मोबाइल एवं स्क्रीन से दूर रहे | ऐसा कुछ दिन लगातार
करते रहने से हम अपने सोच में एवं अपने स्वास्थ्य के साथ साथ जीवन में एक बड़ा
बदलाव महसूस करेंगे | इसको बस शुरू करने की आवश्यकता है |
शरीर और मन के लिए कुछ
वक्त
दिन को उत्पादक बनाने के लिए आवश्यक है
की हम अपने शरीर और दिमाग को भी उत्पादक बनाये | इसको उत्पादक बनाने हेतु हमें कुछ
छोटे छोटे प्रयास करने होंगे | हमें अपने प्रत्येक दिन के व्यस्त घंटो में से कुछ
समय 30 मिनट से लेकर 1 घंटा
तक निकालना होगा | ये आप अपनी सुविधा से अपने समय को देखते हुए कर सकते हैं पर अगर
ये समय आप सुबह में निकाले तो काफी बेहतर होगा | इस तय समय में आप छोटे छोटे कशरत
करें जो आपके लिए हो सकता है साथ ही साथ नियमित रूप से 15-20 मिनट का ध्यान अर्थात मेडिटेशन करें | इस छोटे से वक्त में ही आप बड़ा
बदलाव महसूस करेंगे | शर्त ये है कि ये नियमित होना चाहिए |
सकारात्मक विचार एवं
मुस्कान
हम विचारो से निर्मित प्राणी है | जैसा विचार हम अपने अन्दर बोते हैं, उसी अनुकूल हमारा जीवन भी होते जाता है | आपने ये महसूस किया होगा कि जिस दिन हम तनाव में होते हैं उस दिन पुरे दिन में कई गतिविधियों जो काफी छोटी होती हैं एवं पहले भी हुयी होती है पर उस दिन वहीँ गतिविधि हमें और अधिक तनाव में डाल देती हैं | हमें हर बात से चिढ़ होने लगती है | ऐसे में हमारे चेहरे की मुस्कान गायब हो जाती है, और पूरा दिन बोरिंग हो जाता है | इसलिए हम एक छोटे प्रयास अर्थात तनाव आने पर भी ख़ुशी ख़ुशी उसका स्वागत करके एवं चेहरे पर मुस्कान बरक़रार रखकर दिन को उत्पादक बना सकते हैं | इसमें हमारा कुछ अतिरिक्त नहीं जायेगा |
सहयोग एवं दयालुता की
भावना
आप अपने पुरे दिन के कार्यों में बस एक
प्रयास जरुर करें कि आपका रवैया सहयोगात्मक और दयालुता का हो, क्यों कि सहयोग एवं
दयालुता से बढकर कुछ भी नहीं है | आप अपने अन्दर जितना अधिक सहयोग का भावना विकसित
करेंगे ,जितने आप उदार एवं दयालु बनेगे उतना ही आप लोगो से जुड़ते जायेंगे | आपको
हर एक छोटी बड़ी समस्याओं की जानकारी होगी | लोगो के विचारो से जुड़ने का मौका
मिलेगा | ये प्रयास आपको पुरे दिन की समाप्ति के साथ सुकून भी देगा इसलिए सहयोग
एवं दयालुता की भावना को अपने अन्दर जरुर जिन्दा रखें |
पूरे दिन के किये गए
कार्यों का अवलोकन
हमे अगर लगातार आगे बढ़ना है तो हमे अपने
द्वारा किये गए कार्यों का समीक्षा आवश्यक है | ये समीक्षा हमें बताता है कि हम
क्या तय किये थे | क्या हो पाया | कैसा रहा ? आगे क्या सुधार करने की आवश्यकता है ?
इन सभी बिन्दुओ पर जब हम गहनता से विचार करते हैं तो पाते हैं कि आगे हमें और क्या
करना है एवं क्या छोड़ना है | इस पुरे प्रक्रिया को हम अपने दैनिक रूटीन का हिस्सा
बना सकते हैं | अपने To Do लिस्ट को बनाने से
लेकर सोने जाने तक के पुरे दिन भर के यात्रा एवं उस एक दिन में घटित घटनाओं एवं अपने
द्वारा किये गए सभी कार्यों की जब हम समीक्षा करते हैं तो पाते हैं कि हमारा आज का
दिन कितना उत्पादक रहा एवं कल के लिए हमें क्या योजना करनी है | इस प्रक्रिया से
हमारा एक एक दिन पूर्व रूप से उपयोगी और उत्पादक बनते जाता है इसलिए एक प्रक्रिया
को हमें निश्चित रूप से अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए |
निष्कर्ष
हम अपने दैनिक दिनचर्चा में उपरोक्त
वर्णित कुछ छोटे छोटे बदलाव लाकर एक बड़े परिणाम को प्राप्त कर सकते हैं | इस
प्रयास से हमारा दिन तो अर्थवान होगा ही साथ ही साथ हमारा स्वास्थ्य और मानसिक
चेतना भी समृद्ध होगी | ये सभी बदलाव हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में जरुर शामिल
करना चाहिए |
इस लेख में बताये गए सभी आदत को अपने दिनचर्या में शामिल करके देखा गया है, ये बदलाव लाते हैं | अपने अनुभव के आधार पर ये लिखा गया है जो आपके बीच है | इसे पूरा पढ़ने के लिए आपका शुक्रिया !
इसे पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया जरुर साझा करें एवं आगे के लेख हेतु हमें सुझाव भी दें
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